भारत हो या भारत से बाहर यदि आप अपने परिवार के साथ किसी भी यात्रा पर जा रहे हैं तो आपके लिये हमारे निम्न सुझाव बरदान साबित होंगे।

1. जिस जगह आप घूमने जा रहे हैं, उससे सम्बन्धित रोड मैप, होटल व धर्मशालाओं के पते आदि अवश्य रख लें ताकि आपकी यात्रा सुविधाजन रहे।
2. जिस स्थान पर आप यात्रा करने जा रहे हैं, उसके बारे में पर्यटन विभाग से पूरी जानकारी प्राप्त कर लें, ताकि उसी हिसाब से आप कार्यक्रम तय कर सकें।
3. अपना आरक्षण (रिजर्वेशरन) निर्धारित तिथि से पहले करवा लें ताकि यात्रा के दिन आपको टिकट खरीदने की परेशानी न हो।
4. बस, रेल, हवाई जहाज छूटने का समय पहले से नोट करके रखें और निर्धारित समय से एक घंटे पहले पहुुँचने की कोशिश अवश्य करें।
5. यात्रा में आपके पहनने के वस्त्र सुविधाजनक हों, न ज्यादा ढीले-ढाले और न ही ज्यादा चुस्त, ताकि उठने-बैठने, चढ़ने-उतरने में असुविधा न हो।
6. किसी भी अपरचित से कोई वस्तु लेकर न खाएं। कुछ लोग खाने में नशीली वस्तुएं मिलाकर यात्री को सुला देते हैं और सामान लेकर चम्पत हो जाते हैं। कई लोग हर स्टेशन पर उतरकर टहलने लगते हैं। ऐसा कदापि न करें, क्योंकि कई बार जल्दबादी में ट्रेन में चढ़ने समय दुर्घटना होने का भय रहता है।
7. ‘कम सामान सफर आसान’ यानी सुविधजनक यात्रा करने के लिए अपने साथ कम-से-कम सामान जरूरत भर का रखें।
8. अपने प्रत्येक सूटकेस, अटैची, बैग आदि पर नाम-पते का लेबल अवश्य लगाएं, ताकि खो जाने या दुर्घटना हो जाने पर आपका सामान आसानी से ढूँढ़ा जा सके।
9. जहाँ तक हो सके अटैची आदि ऐसी लें जो बस की सीट के नीचे आ सके, ताकि बस की छत पर या अन्य जगह पर सामान रखने का झंझट न रहे।
10. अपना सामान पैक करते समय इस तरह रखेें कि यात्रा के दौरान जरूरत की वस्तु आसानी से निकाली जा सके। हो सके तो ऐसी वस्तुए किसी छोटे बैग में अलग से रखें।
11. यदि आप पर्यटन के लिए किसी हिल स्टेशन पर जा रहे हैं तो अपने साथ ऊनी स्वेटर, टोपी, मफलर, कोट, उपयुक्त जूते, बरसाती, फोल्डिंग छाता आदि अवश्य रखें।
12. एक हैंड बैग अपने साथ जरूर रखें जिसमें रोजमर्रा की चीजें, जैसे पेन, माचिस, टाॅर्च, साबुन, गिलास, शेविंग किट, मेकअप किट, बच्चे का सामान आदि हो।
13. बडे़-बडे़ स्टेशनों पर सामान रखने के लिए ‘अमानती सामान घर’ अवश्य होता है। जरूरत पड़ने पर अपना सामान वहीं जमा कराएं। इससे आप सामान का बोझ ढ़ोए बिना आसानी से उस शहर में घूमने का आनन्द ले सकते हैं।
14. प्रार्थमिक चिकित्सा का कुछ सामान, रूई, पट्टियां, एंटी-सेप्टिक क्रीम, बैंडेड, सिरदर्द, पेटदर्द, अपच व दस्त की दवाएं, आयोडेक्स, विक्स आदि साथ में ले लें।
15. जूते-चप्पल अलग-अलग पालीथिन की थैली में बंद करके साथ ले लें।
16. किसी लावारिस वस्तु को न छुएं और इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें।
17. सफर पर जाने से पहले इस बात की जाँच आवश्य करें कि आपके पास यात्रा के टिकिट, आरक्षण की पर्ची, होटल या ठहरने के पते आदि हैं, अथवा नहीं।
18. सफर के दौरान सहयात्री से बातचीत होना स्वाभाविक है, पर अपनी जीवन-गाथा सुनाना और सहयात्री के निजी जीवन से संबंधित व्यक्तिगत बातों को कुरेद-कुरेद कर पूछना क्षुद्र मानसिकता की निशानी है।
19. पहाड़ी यात्रा में नदी-झरने का पानी पीना हानिकारक हो सकता है। इस पानी से आपको दस्त लग सकते हैं। अतः हर कही का पानी न पिएं।
20. किसी भी अनजान जगह, समुद्र, नदी, झील, में बिना उसकी गहराई जाने, नहाना या तैरना नहीं चाहिए और न ही उसके एकदम किनारे पर खडे़ होकर फोटो खींचना या खिंचवाना चाहिए।
21. यात्रा में बच्चे थोड़ी-थोड़ी देर बाद कुछ-न-कुछ खाना चाहते हैं, इसलिए विस्कुट, नमकीन, मठरी, दालमोठ, घर की बनी मिठाई, सूखे मेवे अपने साथ अवश्य रखें।
22. सफर पर जाने से दो दिन पहले घर की खिड़कियों, दरवाजों की चिटखनियों और तालों की जाँच अवश्य कर लें, ताकि घर बंद करते समय कोई दिक्कत न आए।
23. घर पर ऐसी कोई भी खाद्य-सामग्री छोड़कर न जाएं जो लौटने तक खराब हो जाए।
24. यदि लम्बे समय के लिए जा रहे हैं तो कपड़ों की अलमारी में फिनाइल की गोलियां रखकर जाएं।
25. अपने किसी विश्वसनीय पड़ोसी, मित्र या संबंधी के पास घर की चाबी रखकर जाएं, ताकि आपकी अनुपस्थिति में वह घर की देखभाल करता रहे। आपके पीछे पानी, बिजली आदि में कोई खराबी आए तो वक्त पर ठीक करा सके।
26. जाते समय खिड़कियों, दरवाजों के परदे खींचकर जाएं, ताकि बाहर से पता न चले कि आपका घर खाली है।
27. बिजली के स्विच, फववारे, नल, टोंटी, मेन स्विच बंद करके जाएं। फ्रिज, टेप, टी0वी0 आदि के तार स्विच बोर्ड से निकाल दें।
28. गैस का रेग्यूलेटर हटाकर सिलेंडर अलग कर दें।
29. यात्रा में संयम बरतें। सहयात्रियों को अपनी ही तरह समझें। थोड़े से सहयोग से, मधुर व्यवहार से आप सभीपर अपनी अमिट छाप छोड़ सकते हैं।

इन महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखने से आपकी यात्रा निश्चय ही सुखद, आनंददायक तथा ज्ञानवर्धक होगी। जय सियाराम जय हनुमान।

लेखक- अनिल यादव।

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