नीम के पेड़ पर लगा हुआ मधु (शहद) कम-से कम दो वर्ष पुराना आधी छटाँक यानि 30 ग्राम (यदि शुद्ध कमल मधु मिल सके तो अति उत्तम) एक शीशी में ले लें, उसमें श्वेत पुनर्नवा का रस दस बूँद डाल दें और जस्ते की सींक से मिला दें। दवा तैयार है। इस दवा को प्रातः तथा रात्रि को सोने के समय दोनों आँखों में हाथकी अँगुली से अंजन करें तथा नित्य-प्रति उपयोग करने का नियम बना लें। नेत्र-ज्योति बढ़ेगी, चश्मा लगाने की आवश्यता नहीं पड़ेगी और नेत्रों की सुन्दरता बढेगी। अनेक लोगों को लाभ हुआ है। डाॅ0 राधेश्याम रूँगटा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *