If you are going to Haridwar then it is very important to know these 5 points.

     हरिद्वार (Haridwar) जा रहे हैं तो यह 5 बिन्दुओं को जानना बहुत जरूरी है। Blog को अन्त तक जरूर पढ़े। क्यों कि हरिद्वार मे, स्वयं रहने के बाद अपना पूरा अनुभव इसमें शेयर कर रहा हूँ। हरिद्वार(Haridwar), भारत में स्थित एक प्रमुख धार्मिक स्थल है, जिसे पवित्र गंगा माँ के संबंध में मान्यता प्राप्त है। यह देवताओं की भूमि के रूप में प्रसिद्ध है और यहां कई पवित्र स्थल और मंदिर स्थानीय और आंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के लिए महत्वपूर्ण हैं।

1- हरिद्वार कैसे और कब जायें।
2- हरिद्वार क्यों आये ओर इसका क्या महत्व है तथा हरिद्वार के प्रमुख दर्शनीय स्थल।
3- हरिद्वार में कहाँ रहें कैसा भोजन करें।
4- हरिद्वार में कोनसे साधनों सेे घूमें।
5- स्वामी रामदेवजी एवं आचार्य बालकृष्ण जी पतंजलि आयुर्वेदा,Patanjali Yogpeeth, योगग्राम, वेलनेस सेन्टर, गुरूकुलम, आचार्यकुलम एवं पातंजलि यूनिवर्सिटी कन्या गुरूकुलम सन्यास गुरूकुलम ऋषिग्राम आदि।

उपर्युक्त सभी बिन्दुओं पर विस्तृत जानने के लिये बिना देर किये आगे बढ़ते हैं।

1- हरिद्वार कब और कैसे जायें- हरिद्वार मतलब ‘हरि (ईश्वर) का द्वार’। यदि व्यक्ति को भगवान के दरवाजे तक पहुँचना है तो हरिद्वार आना ही होगा। हरिद्वार की यात्रा पर जाने के लिए, आप ट्रेन, बस या उड़ान सुविधा का उपयोग कर सकते हैं। हरिद्वार राष्ट्रीय राजमार्ग के माध्यम से भी पहुंचा जा सकता है। आप गाड़ी या बस की सुविधा का उपयोग कर सकते हैं।

        हां, तो अब बात करते हैं कि हऱिद्वार(Haridwar) पहुंचने का सही समय और आसान तरीका क्या है? इस सम्बन्ध में जानकरी देने से पहले हम बात करते हैं कि व्यक्ति किस दिशा से हरिद्वार की ओर आ रहा है। चूँकि हरिद्वार मध्य भारत से उत्तर में स्थित है। और यहाँ पर भारत के कौने-कौने से लोग आते हैं। हरिद्वार किसी भी मौसम में आया सकता है।

       हरिद्वार(Haridwar) से चार धाम (char dham yatra) (यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ व बद्रीनाथ धाम) व हेमकुुंट (हेमकुंड) साहिब की पवित्र यात्रा प्रारम्भ होती है। यह यात्रा प्रत्येक वर्ष अक्षय त्रृतीया से प्रारम्भ हो जाती है यानि अप्रेल से नवम्बर तक यह यात्रा चलती है। इसलिये अप्रेल, मई, जून, जुलाई इन चार महीनों में अधिक यात्रियों का आना जाना रहता है।

      हरिद्वार(Haridwar) पहुचने के लिये सबसे अच्छा, आसान व सरल तरीका रेल मार्ग ही है, क्योंकि लगभग चारों दिशाओं से हरिद्वार के लिये सीधी ट्रेनें हैं। हरिद्वार का रेलवे स्टेशन बहुत ही शानदार बना हुआ है। हऱिद्वार रेलवे स्टेशन एवं बस अड्डा आमने सामने ही है। हरिद्वार(Haridwar) रेलवे स्टेशन व बस अड्डा से ‘हर की पोड़़ी’ की दूरी लगभग 2.5 कि0मी0 है। आसानी से रिक्सा, आटो व टेक्सी मिल जाती है। 

सहायता के लिये कुछ रेलगाडियों की सूची नीचे दे रहा हूँ-

1- मुम्बई से हरिद्वार-

19019 – Bandra terminus to Haridwar (Haridwar Express) (daily)

12171 – LTT to Haridwar (Haridwar AC SF Express) (Monday, Thursday)

22917– Bandra terminus to Haridwar (Haridwar SF Express) (wednesday)

22659- Panvel to Haridwar (Yognagri rishikesh SF express) (Sunday)

2-हावड़ा से हरिद्वार-

13009 – Hawrah to Haridwar (Doon Express) (daily)

3-अहमदावाद से हरिद्वार-

19031 – Ahmedabad to Haridwar (Yoga Express) (daily)

हरिद्वार से सबसे नजदीक एअरपोर्ट जौली ग्रान्ट है, जो देहरादून में है। देहरादून हवाई अड्डे से हरिद्वार 37 कि0मी0 है। 
 
     बस के द्वारा आसानी से हरिद्वार पहुँचा जा सकता है। क्यों कि दिल्ली से हरिद्वार लगभग 215 कि0मी0 है। बस के द्वारा अधिकतमम 6 घंटे लगते हैं। उत्तराखण्ड, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, राजस्थान व उत्तर प्रदेश रोडवेज की बसें रोजाना हरिद्वार आतीं हैं। इसके अतिरक्त व्यक्ति अपने स्वयं की कार या प्राईवेट टेक्सी से आसानी से हरिद्वार पहुँच सकता है। चारों दिशाओं से हरिद्वार को रोड़ के माध्यम से जोड़ा गया है। शानदार हाईवे हैं। कार पार्किगं की किसी प्रकार समस्या नहीं है हर की पौड़ी से 100-200 मीटर की दूरी पर लाखों गाड़ियाँ पार्क होती हैं।
     
2हरिद्वार क्यों आये ओर इसका क्या महत्व है तथा हरिद्वार के प्रमुख दर्शनीय स्थान(famous places of haridwar)- हरिद्वार का सबसे उपयुक्त समय ब्रह्ममुहूर्त (सुबह के समय) होता है, अधिकांश लोग हरिद्वार आकर पवित्र गंगा में स्नान करते हैं, पूजा-अर्चना करते हैं और आध्यात्मिक आनंद का अनुभव करते हैं। हरिद्वार के कुछ प्रमुख तीर्थ स्थल ‘हर की पौड़ी’, ‘मां चंडी देवी मंदिर’, और ‘मंसा देवी मंदिर’।
 
     ‘हर की पौड़ी’, जिसे ‘भगवान के पाँव’ के रूप में अनुवादित किया जाता है, एक पवित्र घाट है। जहां भक्त गंगा आरती के दर्शन हेतु सांयकाल में लाखों की संख्या में एकत्रित होते हैं, जो एक आश्चर्यजनक और मनोहारी आयोजन है। आरती के सामय ध्वनिमंत्रों के साथ-साथ दीपों की झिलमिलाहट इतनी दिव्य और प्रभावशाली वातावरण बनता देती है जो आगंतुकों के दिलों को आकर्षित करता है। 
 
      चंडी देवी मंदिर(chandi devi mandir) एक अन्य महत्वपूर्ण मंदिर है, जो नील पर्वत पर स्थित है। यह मंदिर मां चंडी को समर्पित है, जो मां दुर्गा का एक अवतार है, और शहर के ब्रह्माण्डिक दृश्य का अद्वितीय आनंद देता है। भक्त ट्रेकिंग या रोपवे सुविधा का उपयोग करके मंदिर तक पहुंच सकते हैं।
 
     हरिद्वार में मंसा देवी मंदिर(mansa devi mandir), जो बिलवा पर्वत पर स्थित है, मान्यता है कि भगवती मंसा, यानी मनोकामना पूरी करने वाली देवी, अपने भक्तों की इच्छाओं को पूरा करती हैं। भक्त ट्रेकिंग या रोपवे के द्वारा मंदिर तक पहुंच सकते हैं।
 
      इन पवित्र स्थलों के अलावा, हरिद्वार विभिन्न त्योहारों को भी आयोजित करता है जो अधिक संख्या में तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। कुम्भ मेला, जो हर बार बारह वर्षों में आयोजित होता है, वहां लाखों भक्त इकट्ठे होते हैं और गंगा में स्नान करने के लिए आते हैं। अर्ध कुम्भ मेला, हर छः वर्षों में होने वाला महत्वपूर्ण आध्यात्मिक समारोह है जो हरिद्वार में आयोजित होता है।
 
      हरिद्वार में हर वर्ष आयोजित होने वाले पर्यटन उत्सव, प्राचीनताओं, आदर्शों और शिल्प-कला के अद्भुत संगम को प्रदर्शित करते हैं। शहर यात्रियों को स्थानीय बाजारों का अन्न, पवित्र आर्टिफैक्ट, आध्यात्मिक पुस्तकों और हस्तशिल्प का पता लगाने का मौका देता है। यह शहर क्षेत्र की समृद्ध धरोहर और परंपराओं में डूबने का अद्वितीय सांस्कृतिक अनुभव प्रदान करता है।
हरिद्वार भक्तों और आध्यात्मिक खोजकर्ताओं के दिलों में एक विशेष स्थान रखता है। इस पवित्र स्थल की यात्रा आपको आत्मा को शुद्ध करने, आशीर्वाद प्राप्त करने और पवित्र गंगा के दिव्य आभा में डूबकर अपने जीवन पर अच्छा प्रभाव डालने का मौका प्रदान करती है।
 
       आप सभी लोग हरिद्वार की यात्रा की योजना जरूर बनाएं क्योंकि इस आकर्षक स्थान पर आपको शांति और आध्यात्मिकता का अदभुद संगम मिलेगा।
 
3- हरिद्वार में कहाँ रहें कैसा भोजन करें- हरिद्वार में रहने के लिए विभिन्न विकल्प उपलब्ध हैं। यहां आपको आरामदायक रहने के कई विकल्प मिल सकते हैं। कुछ प्रमुख विकल्पों में होटल, रेसोर्ट, धार्मशाला और आश्रम शामिल हैं। कुछ प्रमुख होटलों के नाम हैं जयपंुरिया भवन रामघाट पर एकदम माँ गंगा की गोद में है इसके अलवा गंगा लहर, होटल हरिद्वार अशोक, होटल जी वियान्ट, और वेलकम हेरिटेज होटल। 
 
     धार्मशालाओं की विशाल संख्या भी हरिद्वार में मौजूद है जो सस्ते और सामान्य रहने के विकल्प प्रदान करते हैं। वेद भवन, गायत्री निवास, गंगा निकेतन धार्मशाला और भगवान भोलेनाथ धर्मशाला कुछ प्रसिद्ध धर्मशालाओं में से हैं।
 
     आश्रमों में भी रहने का विकल्प है, जहां आप धार्मिक और आध्यात्मिक वातावरण में रह सकते हैं। परमार्थ निकेतन, सप्त सरोवर आश्रम, आनंदमयी माता आश्रम, और प्रेम निकेतन आश्रम। यह आश्रम साधकों के लिए आवास प्रदान करते हैं। 
 
     इसके अलावा, हरिद्वार में कुछ अन्य रहने के स्थान भी हैं जैसे कि पतंजलि योगाश्रम, गुरुकुल, और वेलनेस केंद्र। ये स्थान आपको शांति और स्वास्थ्य के लिए समर्पित रहने के विकल्प प्रदान करते हैं।
 
     हरिद्वार में रहने के लिए अपने आवास की बुकिंग के लिए आपको इन स्थानों की Website पर अच्छी तरह जांच करने के उपरान्त या यात्रा एजेंट की सलाह ले लेनी चाहिए। यदि व्यक्ति परिवार के साथ आ रहा है तो मेरा Recommended जयपुरिया भवन रामघाट है जो फुल्ली एयरकंडीशनर है डबल बेड के साथ साथ 6 बेड की व्यवस्था भी यहाँ व्यवस्था है लगभग 1500 रूपया में डबल बेड ए0सी0 रूम मिल जाता है। 
 
     यहाँ एक और उल्लेख किया जाना आवश्यक है कि यदि व्यक्ति अकेला हरिद्वार आ रहा है तो यहाँ पर उसे रहने के लिये रूम नहीं मिलेगा न ही कोई देगा। उसके लिये मात्र एक ही आप्सन है कि वह हर की पोडी के पास अपर रोड पर अवधूत आश्रम बाबा योगी आदित्यनाथ के सामने डोरमेट्री (dormitory) में रुकें और कहीं न भटके इधर-उधर इस डोरमेट्री में आपको 300 रूपया में सेपरेट सिंगल पलंग लोकर के साथ मिल जायेगा जिसे कुल 16 पंलंग हैं एवं दो ए0सी0 लगे हुए हैं जो कि रात्रि 10 बजे चलते हैं सुबह बन्द रहते हैं इस डोरमेट्री (dormitory) में रात्रि 10 बजे के पहले पहुचना पडेगा
 
      मैंने हरिद्वार शहर में रहकर भोजन नास्ता का कई प्रकार से आनन्द लिया है वेसे तो नास्ता, भोजन एवं रात्रि का भोजन करने के लिए कई विकल्प उपलब्ध हैं। मैं यहां कुछ प्रमुख स्थानों का उल्लेख कर रहा हूँ जहाँ आप स्वादिष्ट भोजन का आनंद ले सकते हैं।
     
      हरिद्वार मंडल भवन एक प्रमुख भोजनालय है जहां आप प्याज की कचैड़ी, दाल-चावल, पूरी-भाजी, राजमा चावल, डोसा और अन्य उत्तराखंडी और भारतीय व्यंजनों का आनंद ले सकते हैं। इसके अलावा मैने रामघाट पर जयपुरिया भवन के सामने जी बंसल जी भोज  में दोपहर का भोजन किया तो एकदम आनन्द आ गया क्यों कि मात्र 100 रूपये में थाली मिली जिसमें दो शब्जी दाल चावल सलाद अचार और रोटी की quality Best थी तीखा भोजन नहीं था, स्वाद का तो क्या कहना मजा आ गया मुझे तो। मेरा Recommended रेस्टोरेन्ट है।
 
     हरिद्वार में अनेक रेस्टोरेंट और ढाबे हैं जहां आप विभिन्न आहार विकल्पों का मजा ले सकते हैं। कुछ प्रसिद्ध नामों में पंजाबी तड़का, गंगा विश्राम, दीवान रेस्टोरेंट आदि शामिल हैं।
दूधिया, में आप मिठाइयों, रसगुल्ले, जलेबी, गुलाब जामुन और अन्य शक्करपारे जैसी परंपरागत भारतीय मिठाइयों का आनंद ले सकते हैं।
   
     बंसी वाला एक प्रसिद्ध चाट वाले की दुकान है जहां आप पानी पूरी, भल्ले पापड़ी, अलू टिक्की और अन्य चटपटे स्नैक्स का आनंद ले सकते हैं।
 

haridwar

 
 
4- हरिद्वार में कोनसे साधनों सेे घूमें-हरिद्वार में घूमने के लिए निम्नलिखित साधनों का उपयोग किया जा सकता है-
पैदल यात्रा हरिद्वार में आप कई प्रमुख स्थानों पर पैदल यात्रा कर सकते हैं। हर की पौड़ी, चंडी देवी मंदिर, सप्तऋषि आश्रम, और अन्य धार्मिक स्थलों तक पैदल जाने का अनुभव आपको प्राकृतिक दृश्यों और धार्मिकता का आनंद देगा।
 
    ऑटोरिक्शा हरिद्वार में सबसे आम और सबसे सस्ता परिवहन साधन है। यह आपको शहर के अलग-अलग हिस्सों तक ले जाने के लिए उपयोगी हो सकता है।
 
    हरिद्वार में पेड़ल रिक्शाएं भी उपलब्ध हैं जो आपको नगर के चैराहों और बाजारों तक पहुंचा सकती हैं। यह एक सस्ता और साइटसींग साधन है जो शहर के आसपास घूमने के लिए उपयोगी हो सकती है।
 
    हरिद्वार में टैक्सी सेवाएं भी उपलब्ध हैं जो आपको शहर में आसानी से घूमने की सुविधा प्रदान कर सकती हैं। यह आपको स्थानीय आकर्षणों और धार्मिक स्थलों के बीच आराम से यात्रा करने की अनुमति देती है।
 
    खुद की गाड़ी यदि आपके पास खुद की गाड़ी है, तो हरिद्वार में घूमने के लिए आप अपनी गाड़ी का उपयोग कर सकते हैं। यह आपको स्वतंत्रता और लोकल स्थानों की खोज करने की सुविधा प्रदान करेगा।
 
    सभी साधनों का उपयोग करते समय सुरक्षा और सड़क नियमों का पालन करना आवश्यक एवं महत्वपूर्ण है।
 
ramdev ji gurukul
 
5- स्वामी रामदेवजी एवं आचार्य बालकृष्ण जी पतंजलि आयुर्वेदा, योगग्राम, वेलनेस सेन्टर, गुरूकुलम, आचार्यकुलम एवं पातंजलि(Patanjali) यूनिवर्सिटी कन्या गुरूकुलम सन्यास गुरूकुलम ऋषिग्राम आदि- हरिद्वार आने के बाद स्वामी रामदेवजी(Ramdev ji) और आचार्य बालकृष्ण जी की बात न की जाये तो सब अधूरा रह जाता है। मैंने इन दोनों महापुरूषों के द्वारा किये गये पुरूषार्थ का अवलोकन करने का पूरा प्रयास किया जिसे कुछ जानकारी आपको शेयर कर रहा हूँ। स्वामी रामदेवजी (Ramdev ji)और आचार्य बालकृष्ण जी इस संसार में मशहूर आध्यात्मिक गुरु और योग आचार्य हैं। यहां उनके बारे में कुछ महत्वपूर्ण जानकारी दे रहा हूँ।
 
      स्वामी रामदेवजी (Ramdev ji) एक ज्ञानी, योग आचार्य, और धार्मिक नेता हैं। उनके द्वारा आयुर्वेदिक उपचार, प्राणायाम, योग और ध्यान के माध्यम से स्वस्थ जीवन के संदेश को आम जनता तक पहुंचाने का अथक प्रयास किया नित्यप्रतिदिन अनैक साधनों के माध्यम से किया जा रहा है। उनका प्रमुख उद्देश्य मानव समृद्धि, रोग मुक्ति और आध्यात्मिक जागरण को प्रोत्साहित करना है।
 
      आचार्य बालकृष्ण जी हिंदी भाषा के प्रमुख आचार्य और आयुर्वेद विज्ञान के गुरु हैं। वे योग, प्राणायाम, आहार, और स्वास्थ्य संबंधित विज्ञान में माहिर हैं। आचार्य बालकृष्ण जी के द्वारा संचालित पतंजलि योगपीठ एक प्रसिद्ध योग संस्थान है, जहां योग, आयुर्वेद, और ध्यान के शिक्षाओं का प्रचार किया जाता है।
 
Ramdev baba
      स्वामी रामदेवजी (Ramdev ji) और आचार्य बालकृष्ण जी को उनकी भारतीय जीवन-शैली, स्वास्थ्य संबंधित संदेश, और आध्यात्मिक ज्ञान के लिए बहुत प्रशंसा मिली है। उनके संगठनों द्वारा आयुर्वेदिक उत्पादों का निर्माण और वितरण किया जाता है, जिनमें पतंजलि आयुर्वेद की प्रमुख भूमिका है। इसके अलावा, उनकी योग शिविरों का आयोजन देश-विदेश में किया जाता है जिनमें लोग शारीरिक, मानसिक, और आध्यात्मिक सुधार के लिए शामिल होते हैं।
 
     यह दोनों संतों ने अपने योगदानों से भारतीय संस्कृति और धर्म को विश्व स्तर पर प्रचारित किया है। उनके संदेशों में स्वस्थ जीवन, आध्यात्मिकता, और सामाजिक उन्नति के महत्वपूर्ण मार्गदर्शन शामिल हैं। उनके साथी आचार्यों और शिष्यों के साथ वे योग, आयुर्वेद, स्वास्थ्य, और आध्यात्मिकता के क्षेत्र में नई प्रगति करने का संकल्प रखते हैं। उनका कार्य मानव समृद्धि और स्वस्थ जीवन को समर्पित है जिससे लोग स्वयं की देखभाल कर सकें और एक बेहतर जीवन जी सकें। मेरा दोनों महापुषों को सत-सतबार दण्डवत प्रणाम।
 
      उपरोक्त सभी पतंजलि आयुर्वेदा, योगग्राम, वेलनेस सेन्टर, गुरूकुलम, आचार्यकुलम और पातंजलि यूनिवर्सिटी भारत में स्वास्थ्य, शिक्षा, और आध्यात्मिकता के क्षेत्र में महत्वपूर्ण संस्थान हैं। ये संस्थान आयुर्वेदिक चिकित्सा, योग, शिक्षा, और संस्कृति के प्रमुख सिद्धांतों को प्रचारित करते हैं और लोगों को एक स्वस्थ और सकारात्मक जीवन जीने के लिए प्रेरित करते हैं।
 
      पतंजलि(Patanjali) आयुर्वेदा प्राकृतिक औषधियों, आहार और जीवनशैली के माध्यम से स्वास्थ्य और रोगों की परिचालन व्यवस्था को सुधारने का कार्य करता है। इसके उत्पादों में आयुर्वेदिक दवाइयाँ, स्वास्थ और सौंदर्य उत्पाद, प्राकृतिक खाद्य सामग्री, और घरेलू उत्पाद शामिल हैं। यह संस्थान लोगों को एक स्वास्थ्य और शक्तिशाली जीवन जीने के लिए प्रेरित करता है।
     
      योगग्राम एक आध्यात्मिक आश्रम है जहां लोग योग, ध्यान, और प्राणायाम का अभ्यास करते हैं। यहां पर विभिन्न योग प्रशिक्षण कार्यक्रम, मेडिटेशन सत्र और आध्यात्मिक गतिविधियाँ आयोजित की जाती हैं। योगग्राम लोगों को शांति, स्वास्थ्य, और आध्यात्मिक विकास की ओर प्रेरित करता है।
 
      वेलनेस सेंटर(Wellness Center) लोगों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखने के लिए एक समुदायिक स्थान है। यहां पर स्वास्थ्य सेवाएं, स्पा उपचार, आरोग्य संग्रहालय, संतुलन और पुनर्जीवन कार्यक्रम, और अन्य स्वास्थ्य सुविधाएँ प्रदान की जाती हैं। वेलनेस सेंटर लोगों को शरीर, मन, और आत्मा के संतुलन को प्रमुखता देने के लिए प्रेरित करता है।
   
      गुरुकुलम और आचार्यकुलम योग, धर्म, संस्कृति, और शिक्षा के क्षेत्र में विशेषज्ञता प्रदान करते हैं। यहां पर विद्यार्थी वेद पठन, योग अभ्यास करने, और आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त करने के लिए आते हैं। गुरुकुलम और आचार्यकुलम लोगों को आध्यात्मिक विकास और ज्ञान के माध्यम से सच्चे जीवन का पथ प्रदान करते हैं।
 
      पतंजलि यूनिवर्सिटी एक शिक्षा संस्थान है जो योग, आयुर्वेद, संगीत, वाणिज्यिक अभियांत्रिकी, और अन्य क्षेत्रों में शिक्षा प्रदान करती है। यहां पर अन्यों के साथ-साथ आयुर्वेदिक चिकित्सा और योग विज्ञान में उच्चतम शिक्षा प्राप्त की जा सकती है। पतंजलि यूनिवर्सिटी लोगों को शिक्षा, अनुसंधान, और आध्यात्मिक ज्ञान के माध्यम से व्यक्तिविक विकास के लिए प्रेरित करती है। ये संस्थान व्यक्तियों को शारीरिक, मानसिक, और आध्यात्मिक स्वास्थ्य के लिए समृद्धि की ओर प्रेरित करते हैं। इन संस्थानों के माध्यम से लोग एक सकारात्मक और स्वस्थ्य जीवनशैली अपना सकते हैं और सम्पूर्ण विकास कर सकते हैं।
     
       कन्या गुरुकुलम, सन्यास गुरुकुलम और ऋषिग्राम ये सभी गुरुकुल संस्थान पतंजलि विद्या पीठ द्वारा संचालित किए जाते हैं। ये संस्थान विभिन्न विद्यालयों और आश्रमों में स्थापित हैं और शिक्षा के क्षेत्र में मान्यता प्राप्त किए गए हैं।
 
       कन्या गुरुकुलम एक ऐसा शैक्षिक संस्थान है जो बालिकाओं को शिक्षा और संस्कृति के माध्यम से प्रेरित करता है। यहां बालिकाएं आध्यात्मिक ज्ञान, वैदिक शिक्षा, कला, विज्ञान, गणित, और अन्य विषयों में शिक्षा प्राप्त करती हैं। कन्या गुरुकुलम उन्नत शिक्षा तक पहुंचने का एक माध्यम है जो बालिकाओं के समृद्ध विकास को प्रमुखता देता है।
 
       सन्यास गुरुकुलम एक संगठन है जो संन्यास और आध्यात्मिकता के क्षेत्र में शिक्षा प्रदान करता है। यहां आगमिक और आध्यात्मिक विद्यार्थी आते हैं और वेदांत, योग, मेधा योग, प्राणायाम, ध्यान, आरती, और अन्य आध्यात्मिक अभ्यासों में प्रशिक्षण प्राप्त करते हैं। सन्यास गुरुकुलम संस्थान आध्यात्मिक ज्ञान और उच्चतम तत्वों के अध्ययन का एक माध्यम है जो छात्रों को संन्यास और धार्मिक जीवन के मार्ग पर प्रेरित करता है।
 
      ऋषिग्राम एक आध्यात्मिक आश्रम है जो पतंजलि(Patanjali) पीठ द्वारा संचालित किया जाता है। यह आश्रम छात्रों को धार्मिक विद्या, संस्कृति, और आध्यात्मिक ज्ञान के आदर्शों के प्रतीक मानता है। ऋषिग्राम आश्रम में अध्ययन करने वाले छात्र ध्यान, जप, पूजा, सेवा, और अन्य आध्यात्मिक अभ्यासों को अपनाते हैं और आध्यात्मिक विचारधारा में आगे बढ़ने का एक मार्ग ढूंढ़ते हैं। यहां पर छात्रों को धार्मिक अनुभवों की मान्यता है और वे आध्यात्मिकता के मार्ग पर प्रगति करने के लिए प्रेरित किए जाते हैं।
 
    गुरूकुलम जो छोटे बच्चों के लिये है उसके सम्बन्ध में मेरे द्वारा जानकारी और निरीक्षण करने पर जो जानकारी प्राप्त हुई वह साझाँ कर रहा हँू यदि कोई भी अभिभावक अपने बच्चे को सुरूआत से गुरूकुलम भेजना चाहता है तो वह 15 नवम्बर के आस-पास आनलाईन आॅफिसियन बेवसाईट पर अपने बच्चे का पंजीकरण कर सकता है और उसके बाद बच्चे के अभिभावक को गुरूकुलम द्वारा सूचित किया जायेगा कि उसे कब टेस्ट से लिये आना है उसके बाद टेस्ट दिलाये जाने के वाद सिलेक्शन की सूचना भी दी जायेगी। फीस लगभग 1,60,000- वार्षिक है। वेसे यू0के0जी0 से 04 ते के बच्चों के साथ अभी तक माँ या परिवार की कोई महिला सदस्य का रहना आवश्यक था लेकिन इस बार मुझे बताया गया है कि अब आगे के सत्रों में यानि 2024-2025 के लिये परिवार के सदस्य को नहीं रहना पडे़गा क्यों कि गुरूकुलम ने आया या अन्य व्यवस्थायें पूरी कर लीं हैं। यदि कोई फिर भी रहना चाहता है तो वहाँ के मेनेजमेन्ट की परमीशन के वाद रह सकता है। इसके लिये कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होता है।
 
     यहाँ यह भी उल्लेख किया जाना आवश्यक है कि पतंजलि के यह सभी संस्थान हरिद्वार से लगभग 20 कि0मी की दूर दिल्ली रोड पर हैं। 
 
     सभी बच्चों, अभिभावक, आचार्य एवं वेलनेस सेन्टर के डाक्टर्स के लिये रहने हेतु पतंजलि द्वारा उच्चश्रेणी के अपार्टमेन्ट सराउण्डिंग 300 मीटर पर बनाये गये हैं जो कि आधुनिक एवं उच्चगुणवत्ता के हैं। अधिक जानकारी हेतु पतंजलि की आॅफिसियल वेवसाईट पर जायें।  
 
सभी पाठकबन्धुओं को जय सियाराम जय हनुमान।
 
लेखक -अनिल यादव।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *