महाराज उग्रसेन श्रीकृष्ण के अनन्य भक्त थे |

बिधि बस सुजन कुसंगति परहीं। फनि मनि सम निज गुन अनुसरहीं ।महाराज उग्रसेन प्रजावत्सल, धर्मात्मा और भगवद्भक्त थे। विधिका विधान ही कुछ विचित्र है। अनेक बार हिरण्यकशिपु-जैसे देवता, धर्म तथा…

समर्पण की मर्यादा

यदि हमने अपने आपको भगवान के चरणों में समर्पित कर दिया तो फिर आपका अधिकार स्वयं आपके पास नहीं रह जाता। जैसे दान के बाद पैसा, अन्न, द्रव्य, वस्तु आदि…

गौ भारतीय संस्कृति का मूल आधार- योगी आदित्यनाथ।

भारतीय संस्कृति सभ्यता, धर्म का मूल आधार प्राचीन काल से गौ ही रही है। गोभक्ति, गोपालन को अपने जीवन का सर्वोत्कृष्ट कर्तव्य माना हैै। वेद-शास्त्र, स्मृतियाँ, पुराण तथा इतिहास गौ…

।। श्री सद्गुरूदेव वन्दना मंगलाचरण (अर्थसहित) ।।

ऊँ सह नाववतु। सह नौ भुनक्तु। सह वीर्य करवावहै। तेजस्वि नावधीतमस्तु। मा विद्विषावहै। ।। 1।। ऊँ शान्तिः! शान्तिः! शान्तिः!!! सीतानाथसमारम्भां रामानन्दार्यमध्यमाम्। अस्मदाचार्यपर्यन्तां वन्दे गुरूपरम्पराम्। ।। 2।। गुरूब्र्रह्मा गुरूर्विष्णुः गुरूर्देवो महेश्वरः।…

श्रीरामभक्त कम्बर्, कम्बरामायण के रचनाकार।

भगवान् श्रीराम का कथामृत-रसास्वादन सर्वथा वैदिक होते हुए भी इतनी सीमा तक लोकगत हो चला है कि आपका जीवन भक्तरूप श्रीराम का गुण गाये बिना शान्ति की वास्तविक अनुभूति ही…

श्रीमहन्त नृत्य गोपाल दास जी महाराज का श्रीसीताराम विवाह महोत्सव लीलामृत |

श्री सीताराम नाम बैंक अयोध्या के मैनेजर श्री पुनीत रामदास जी महाराज ने अपने लेख जो “पुष्पवाटिका पत्रिका अप्रैल 2011” वर्णित किया गया है | जब मैने इस लेख को…

सच्ची लगन क्या नहीं कर सकती Right Devotion can make things great

यह बात महाभारत काल के समय की है, जब गुरू द्रोणाचार्य उन दिनों हस्तिनापुर में कुरुकुल के बालक पाण्डव एवं कौरवों को अस्त्र-शस्त्र की शिक्षा दे रहे थे। एक दिन…

श्रीबिहारीजी का ऐसा भक्त जिसकी गवाही स्वंय बिहारीजी ने कोर्ट में जाकर दी।

श्री वृन्दावन के पास एक ब्राह्मण रहता था। एक समय ऐसा आया कि उसके सभी घरबालों की मृत्यु हो गयी। केवल वही अकेला बच रहा। उसने उन सबका श्राद्ध आदि…