‘योग’ शब्द का मौलिक अर्थ क्या है? यह एक विचारणीय प्रश्न है।

‘योग’ शब्द का अर्थ वास्तव में निषेधपरक न होकर विधिपरक है। इसमें कोई संदेह नहीं है। परन्तु योगसूत्र में ‘योगश्चित्तवृत्तिनिरोधः’ इस प्रकार योग का जो प्रारम्भिक वर्णन किया है, वह…

आप जानते हैं ‘प्राणवायु और आयु’ का सम्बन्ध क्या है?

इस अनन्त ब्रह्माण्ड (The infinite universe) में प्राण (श्वांस) तत्व ही चेतना (बुद्धि) समुद्र की तरह हिलोरें ले रहा है। ब्रह्म चेतना की ऊर्जा अर्थात विश्वव्यापी शक्ति चेतना ही ‘प्राण’…

बालकों के मस्से की अचूक ओषधि

बलकों के हाथ पैरों प्रायः मस्से पैदा होकर उन्हें कुरूप बना देते हैं। इसकी अचूक ओषधि है- ‘चिरायता’। चिरायता दो प्रकार का होता है- गाँठिया और बाँसिया। गाँठिया विशेष उपयोगी…

अभ्यंग और आरोग्य

अभ्यगमाचरेन्नित्यं सं जराश्रमवातहा। दृष्टिप्रसादपुष्टश्यायुः स्वप्नसुत्वक्त्वदाढर्यकृत्।। शिरःश्रवणपादेषु तं विशेषेण शीलयेत्। अपने शरीर के विविध अंगों पर प्रतिदिन तेल की मालिश करनी चाहिये। अभ्यंग करते रहने से जरा (बुढ़ापा), थकावट एवं विकृत…

आयुष्काल का रहस्य या आयु की अभिवृद्धि

दुर्लभ मनुष्यदेह बार-बार नहीं मिलता। इसलिये हृदय में हरि-नाम से प्रेम धारण करने का प्रयत्न कीजियेे और एक बार दृढ़ निश्चिय कर लो कि प्रभु-प्राप्ति करके ही रहूँगा। फिर ऐसी…

खूनी एवं बादी बवासीर का अचूक नुस्खा

श्री जगदीशचन्द्र जी भाटिया, 389 आवास-विकास दिल्ली रोड़, ज्वालापुर, हरिद्वार द्वारा बताये गये इस नुस्खे से सैकडों मरीजों को लाभ हुआ है। यह नुस्खा उन्हें किसी महापुरूष ने दिया था।…