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श्री जगदीशचन्द्र जी भाटिया, 389 आवास-विकास दिल्ली रोड़, ज्वालापुर, हरिद्वार द्वारा बताये गये इस नुस्खे से सैकडों मरीजों को लाभ हुआ है। यह नुस्खा उन्हें किसी महापुरूष ने दिया था। महापुरूष ने भाटिया जी से यह बचन लिया था कि वह इलाज का प्रयोग फ्री करेंगे एवं किसी से किसी भी प्रकार का कोई मूल्य नहीं लेंगे।

नुस्ख-उपचार-हेतु सामग्री- रसवत, बसौंठा, कुल्फा (लोणक)-का बीज।
उपर्युक्त सामग्री बराबर-बराबर (वजन में) लेकर बारीक-से बारीक कूटकर-कपडे़ से छानकर मूली के पानी के साथ चने बराबर गोलियाँ बना ले, परंतु इन गोलियों को धूप में न सुखाकर छाया में सुखायें।

प्रातः मरीज को 3-4 गोलियाँ खाली पेट गाय के दूध बने दही की लस्सी के साथ रोज दें। निश्चित ही आराम आयेगा।
परहेज-बवासीर रोगी लाल मिर्च और गुड़ का सेवन बिलकुल न करेें।

सभी के अच्छे स्वास्थ्य की कामना करते हुये मेरा जय सियाराम जय हनुमान।

लेखक-अनिल यादव।

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