सदगुरूदेव श्रीनृत्यगोपालदास का कर्णवेध-संस्कार।

श्री महाराज जी की आयु जब तीन वर्ष की हो गयी थी तब उनका कणवेध संस्कार सम्पन्न हुआ था। श्रीगणेशाम्बिका आदि के पूजन के पश्चात् बालक नृत्यगोपाल को वस्त्राभूषणों से…

‘‘श्रीरामनाम’’ महिमा। ‘श्रीरामनाम से महापूरण।’

भगवान् श्रीराम जी लंका विजय करके श्री अवध धाम में पधार चुके हैं। उनका राज्याभिषेक हो चुका है। प्रतिदिन प्रातःकाल हनुमान् जी युगल सरकार के श्रीचरणों में साष्टांग दण्डवत् प्रणाम…

‘योग’ शब्द का मौलिक अर्थ क्या है? यह एक विचारणीय प्रश्न है।

‘योग’ शब्द का अर्थ वास्तव में निषेधपरक न होकर विधिपरक है। इसमें कोई संदेह नहीं है। परन्तु योगसूत्र में ‘योगश्चित्तवृत्तिनिरोधः’ इस प्रकार योग का जो प्रारम्भिक वर्णन किया है, वह…

श्रीहनुमानजी का समुद्रोल्लंघन और लंका में प्रवेश।

श्रीहनुमान जी महाराज एवं वानर भालुओं को गृध्रराज सम्पाति के द्वारा श्री जनकदुलारी जानकी माता का पता लग जाने पर वानर-भालुओं का विशाल समुदाय हर्षातिरेक से उछलने-कूदने लगा; किंतु जब…

महाराज उग्रसेन श्रीकृष्ण के अनन्य भक्त थे |

बिधि बस सुजन कुसंगति परहीं। फनि मनि सम निज गुन अनुसरहीं ।महाराज उग्रसेन प्रजावत्सल, धर्मात्मा और भगवद्भक्त थे। विधिका विधान ही कुछ विचित्र है। अनेक बार हिरण्यकशिपु-जैसे देवता, धर्म तथा…

भूतभावन शिवशंकरजी की ‘‘रामनाम’’ उपासना।

बाबा विश्वनाथ शिवशंकर भोले नाथ के मुँह पर सदा ‘राम-नाम’ विराजित रहता है। स्वयं माता पार्वतीजी कहती हैं- ‘आध्यात्मरामायण’ आदि में वे स्वयं भी कहते हैं- अहं भवन्नाम गृणन् कृतार्थो…

आप जानते हैं ‘प्राणवायु और आयु’ का सम्बन्ध क्या है?

इस अनन्त ब्रह्माण्ड (The infinite universe) में प्राण (श्वांस) तत्व ही चेतना (बुद्धि) समुद्र की तरह हिलोरें ले रहा है। ब्रह्म चेतना की ऊर्जा अर्थात विश्वव्यापी शक्ति चेतना ही ‘प्राण’…

‘‘श्रीरामनाम’’ महिमा। ‘श्रीरामनाम से महापूरण।’

भगवान् श्रीराम जी लंका विजय करके श्री अवध धाम में पधार चुके हैं। उनका राज्याभिषेक हो चुका है। प्रतिदिन प्रातःकाल हनुमान् जी युगल सरकार के श्रीचरणों में साष्टांग दण्डवत् प्रणाम…

स्वामी श्रीरामचरणदास जी महाराज, त्रृतीय पीठाधीश्वर, श्रीमणिरामदासजी छावनी, अयोध्या।

आप अपने गुरूदेव श्री वैष्णवदास जी महाराज के शिष्यों में सुयोग्यतम शिष्य थे। आपने बहुत पहले से ही महाराजश्री का शिष्यत्व ग्रहण कर लिया था। अपने गुरूदेव जी के महन्तत्व…